अमेरिकी एवं ब्रिटिश वित्तीय नियामकों ने स्टेंडर्ड चार्टर्ड बैंक पर लगाया १३३.३ मिलियन अमेरिकी डॉलर ($) का जुर्माना

लंदन। मुंबई। राजकोट – गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों पर जारी किये गए एक आधिकारिक बयान के ज़रिये स्टैंडर्ड चार्टर्ड पीएलसी (बैंक) ने कहा कि, बैंक के द्वारा साल २०१८ के लिए २६ फरवरी २०१९ के दिन पेश किये जाने वाले सालाना हिसाबो में ९०० मिलियन अमरीकी डालर ($) का प्रावधान बैंक पर लगे जुर्माने कि रकम की भरपाई के लिए किया गया है.

अमेरिकी और ब्रिटिश वित्तीय नियामकों के द्वारा की गई तफ्तीश में बैंक पर विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग (घरेलू और विदेशी वित्तीय विनिमय खरीदने और बेचने के व्यवसाय) के मामले में सामने आयी धांधली को लेकर बैंक को दोषी करार देते हुए करीबन १३३.३ मिलियन अमेरिकी डॉलर ($) का जुर्माना स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक पर लगाया गया है.

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक को इस संबंध में यूके फाइनेंशियल कंडक्ट अथॉरिटी की नियामक निर्णय समिति (आरडीसी) की तरफ से एक नोटिस भी मिला है।


निर्णय के अनुसार, बहुराष्ट्रीय स्तर पर संचालित मानक चार्टर्ड बैंक पर £ १०२,१६३,२०० (प्रारंभिक निपटान छूट के रूप में ३०% मध्यस्थता का शुद्ध बकाया) का जुर्माना लगाया गया है।

नियामकों के द्वारा दिए गए निर्देश, बैंक के ऐतिहासिक वित्तीय अपराधों से एवं वित्तीय आचरण प्राधिकरण द्वारा पूर्व में घोषित की गई जांच से संबंधित है।

बैंक द्वारा जारी किये गए आधिकारिक बयान में यह भी कहा गया है की, नियामकों के द्वारा दिए गए इस निर्णय की दिशा के संबंध में, बैंक अपने अन्य (कानूनी) विकल्पों को ध्यान में रख रहा है।

बयान में यह भी कहा गया है कि, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक यूएस (यूएस) प्रतिबंधों एवं कानूनों और विनियमों के ऐतिहासिक उल्लंघन की पिछली सार्वजनिक जांच के संभावित समाधान के बारे में अपनी चर्चा जारी रखेगा।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक साल २०१८ का पूर्ण वार्षिक हिसाब-किताब और वित्तीय परिणाम २६ फरवरी २०१९ की अगली तारीख को जारी करेगा।


लंदन स्थित स्टेंडर्ड चार्टर्ड बैंक के परिसर की फ़ाइल तस्वीर

लंदन स्थित स्टेंडर्ड चार्टर्ड बैंक के परिसर की फ़ाइल तस्वीर


स्टैंडर्ड चार्टर्ड पीएलसी २०१८ की चौथी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के परिणामों में ९०० मिलियन अमेरिकी डॉलर ($) का कुल प्रावधान दिखाएगा, जिसमें उपरोक्त अमेरिकी जांच और एफसीए निर्णय से संबंधित संभावित जुर्माने का आंकड़ा भी शामिल है।

इस प्रावधान में विदेशी मुद्रा व्यापार (स्वदेशी और विदेशी मुद्रा विनिमय के व्यापार) से संबंधित पूर्व-घोषित जांच भी शामिल है, जिसका उल्लेख पिछले महीने जनवरी २०१९ में निपटान के लिए जारी किये गए बयान में भी किया गया है।

बयान में यह दावा किया गया है कि, यह वित्तीय प्रावधान जो कि बैंक के वार्षिक खातों में किए जाने वाले है, यह प्रबंधन के उचित स्तर के वर्तमान दृष्टिकोण एवं जिम्मेदारी को दर्शाता हैं।

बयान में यह भी कहा गया है कि, अमेरिकी जांच और एफसीए प्रक्रिया के समाधान का संकल्प अंततः दंड के विभिन्न स्तरों में परिणत हो सकता है।

बैंक द्वारा उपरोक्त बयान गुरुवार के दिन भारतीय शेर बाज़ारो पर ट्रेडिंग सत्र शुरू होने से पहले जारी किया गया था।


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